रसुल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का फरमान रमज़ान के बारे

 सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने कहा कि,,बदनसीब शख्स वह है,जो अपनी माँ की खिदमत करके उनकी दुआ नहीं लेता और दूसरों लोगों से कहता फिरता की मेरे लिए दुआ करना।

 और बदनसीब वह शख्स है जो सुबह की नमाज के समय सोया रहता है और लोगों से गरीबी का शिकायत करते हैं।,,,

 और बदनसीब वह शख्स हैं जो इशा की नमाज को छोड़कर शांति की नींद तलाश करते हैं। ,,,, 

 और बदनसीब वह शख्स हैं जिसने  रमजान का महीना पाया और अपने खुदा को राजी न कर पाया।



 और आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने यह भी कहा कि...... जिसने मेरी एक हादिस सुनी और दूसरों तक पहुंचाई, तो क़यामत के दिन उसके लिए मेरी गवाही वाजिब होगी। उम्मीद है कि आप सब इस बातों पर अमाल करेंगे।

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